पीछा नहीं छोड़ पाता हूँ
स्थिरता स्थिति बनकर रह गया है
आज जो सोचता हूँ कल के बारे में
हल नहीं निकल पाता है
पूर्वाभास के दौर से गुजर रहा हूँ
छोड़ देती है मुझे कुछ यादें
जिसे समेटकर एक नये मक़ाम
कि ओर बढ़ाना चाहता हूँ
कहीं किसी विश्वास के संग
तोडना चाहता हूँ इस स्थिरता को
एक नये मक़ाम कि ओर फिर भी
स्थिरता छोड़ नहीं देता है |
स्थिरता स्थिति बनकर रह गया है
आज जो सोचता हूँ कल के बारे में
हल नहीं निकल पाता है
पूर्वाभास के दौर से गुजर रहा हूँ
छोड़ देती है मुझे कुछ यादें
जिसे समेटकर एक नये मक़ाम
कि ओर बढ़ाना चाहता हूँ
कहीं किसी विश्वास के संग
तोडना चाहता हूँ इस स्थिरता को
एक नये मक़ाम कि ओर फिर भी
स्थिरता छोड़ नहीं देता है |
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