कभी जिंदगी की राह
मुश्किल सा नजर आता है
क्योंकि कहीं नये
परिवेश में जीना पड़ता है
कहीं हम दोस्तों से
अलग हो जाते हैं
कहीं रुकते हैं कदम
तो कहीं अकेलापन
नजर आता है
कहीं हम अलग थलग
से महसूस हो जाते है
हम चाह कर भी नहींबढ़ा सकते कदम
क्योंकि रुकावटें हमे
रोक लगा देते है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें