लगाव
अनुभूतियों के विस्मृत-अविस्मृत पल जो कि अबाध गतिविधियों के साथ अग्रसर होता है |
10 जून 2012
सुकून के पल
सुकून के पल बीतते हैं,
इन मदमस्त पर्वतों ,नदियों व लहलहाते टहनियों के साथ,
जहाँ हवायें मन स्थिर, हृदय कोमल व मस्तिश्क शान्त करा देते हैं
व्यतीत होते हैं सुकून के पल |
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