लगाव
अनुभूतियों के विस्मृत-अविस्मृत पल जो कि अबाध गतिविधियों के साथ अग्रसर होता है |
14 अगस्त 2012
महक खिलते हैं
ब्रह्मकमल
पर्वत शिखर पे
महकते हुए
जहाँ खिलते हैं
ब्रह्मकमल
शीर्ष पे महक
शुशोभित होते हैं
मौसम के आगाज
सहित सभी के मन
बहल जाते हैं।
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