हम जब अपने
और दूसरों के
बारे में कहते हैं
और दूसरों के
बारे में कहते हैं
तभी एक अलग सा
माहौल बन जाता है
माहौल बन जाता है
थमती है सांसे
जब अलग सा
माहौल पनपता है
जब अलग सा
माहौल पनपता है
जब मित्र मौसम की
तरह बदल जाते हैं
जहाँ थमते हुए
दिखाई नहीं देती
जिंदगी की यह सफर ।
तरह बदल जाते हैं
जहाँ थमते हुए
दिखाई नहीं देती
जिंदगी की यह सफर ।
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