जब कभी भी देखा है
तलाश में यादों
के संग यूँ ही
जाते हैं अहसास
के साथ कहीं
रुकावटें तो कहीं
हवाएं चलती है
सुदूर क्षेत्रों में
कहीं भोर होते
अस्त होते
जब से देखा है
नम आँखों से
ओझल होते
कहीं रोते
कभी मुस्कुराते
कहीं हँसते
कभी घूरते
कहीं उलझे
कभी बदलते
कहीं बोझिल
दिखाई देते हैं।
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