19 जून 2012

अरे मित्रों

अरे मित्रों !
क्यूँ इतने उदास हो
हाले दिल तो बयाँ कीजिए

हम भी आपके
हाले राह पे खड़े हैं
इंतजार काफी हुआ है

जरा हमें भी गौर फरमाइये
इन मदमस्त कंटीले राहगीर
के तले जहाँ सुकून हो, हाले
दिल बयाँ करने का |

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