8 जून 2012

अतीत आगम

 अतीत के पन्ने
 जो अभी भी आगम
 हो जाते हैं
 कहीं किसी रूप
 को लिए

 सहमे से माकूल
 सहम से जाते हैं
 भविष्य को आंकने
 के लिए

 कलम जब कागज
 पर उतराने, आगम होने
 सही मायनों के संग

 फिर भी भयवश
 कलम कागज के
 पन्नों को पलट देता
 अतीत को आगम कर
 लेता है।




 



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