अहसास इस बात का
कहना चाहता हूँ
अपना कहीं कोई
मिले कह नहीं पाता
कहना चाहता हूँ
जो समझ पाये मुझे
कहूँगा जब कोई
अपना समझे
सिर्फ अहसास
इस बात का कि
कोई समझ पाये |
कहना चाहता हूँ
अपना कहीं कोई
मिले कह नहीं पाता
कहना चाहता हूँ
जो समझ पाये मुझे
कहूँगा जब कोई
अपना समझे
सिर्फ अहसास
इस बात का कि
कोई समझ पाये |
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