9 दिसंबर 2010

उड़ान

उड़ान हर इन्सान उडाता जा रहा है पंछियों की तरह आसमान को छूने के फ़िराक में कब आएगा हमारा वो घडी जिसमे हमें भी मौका मिले आसमान को छूने का म..."

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